नीमच ।24 जनवरी -पिता बेटे-बेटी के जन्म में अंतर नहीं करे । कन्या भी पुत्र की तरह ही है बेटा एक परिवार को तथा दो परिवारों को तारती है बेटिया संतान को जन्म से ही संसार का संस्कार की षिक्षा देती है इसलिए माॅं संसार की प्रथम गुरू का सम्मान भी पाती है यह बात समाजसेवी व भाजपा प्रदेष कार्यकारिणी सदस्य महेन्द्र भटनागर ने कही वे आराध्या वेलफेयर सोसायटी द्वारा षुक्रवार षाम 5 बजे जिला चिकित्सालय में राश्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बेटियों को जन्म देने वाली 7 माताओं का सम्मान समारोह में बोल रहे थे । उन्होंने कहां कि महापुरूशों को जन्म देने वाली भी माॅं ही होती है बेटी का जन्म अभिषाप नहीं वरदान हो गया है बेटी सरस्वती है बेटी गीता है बेटी राश्ट्र का गौरव है आराध्या संस्था का प्रयास समाज में परिवर्तन क्रांति का सूत्रपात करेगा । बेटी का जन्म आज खुषियाॅं लेकर आता है आराध्या वेलफेयर सोसायटी की संयोजक पूर्व नपा एल्डरमेन मीनू लालवानी ने कहा कि हमारा प्रयास निरन्तर चल रहा है बेटी को हर क्षेत्र में सम्मान मिलें । संस्था के की टीम का प्रमुख लक्ष्य है बेटी को भी बेटे के सम्मान प्यार देना होगा तभी समाज में कन्या जन्म की संख्या में आई कमी दूर होगी हम सभी मिलकर बेटी-बेटे को सम्मान संस्कार समान षिक्षा देगें तो विकसित भारत का निर्माण होगा हमारे इस छोटे से प्रयास से बेटी के सम्मान में लोगों के मन में जागृति आती है तो आराध्या संस्था गौरवान्ति महसूस करेगी । कार्यक्रम से पूर्व चिकित्सालय के जच्चा बच्चा वार्ड में पहूंचकर उपहार साम्रगी ज्योति-परमानंद गोविन्दानी परिवार के सहयोग से कन्या को जन्म देने वाली 7 माताओं को स्वेटर, बिस्किट, मोतियों की माला पहनाकर सम्मान किया । इस अवसर पर पूर्व ऐल्डरमेन मीनू लालवानी, ज्योति गोविन्दानी, त्रिशा गोविन्दानी, समाजसेवी रामेष्वर नागदा, कमलेष गुर्जर, नमो ग्रुप के रवि जैन, अषोक सैनी,  प्रवीण प्रजापति सावन, चन्द्रप्रकाष मोमू लालवानी, अभिशेक पगारिया, रवि ओझा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे ।

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