भोपाल। मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार अब सरकारी नौकरियों में भी स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने का नियम बनाने जा रही है। तय किया गया है कि कम से कम गैर प्रशासनिक पदों पर इसे लागू किया जाएगा। बाहरी उम्मीदवारों के लिए कोटा निर्धारित कर दिया जाएगा।  
पिछले दिनों सीएम कमलनाथ के यूपी-बिहार के लोगों द्वारा मध्यप्रदेश में रोजगार हासिल करने को लेकर बयान दिया था जिसको लेकर काफी हंगाम भी हुआ था। हालांकि इस सबको ध्यान न देते हुए कांग्रेस सरकार ने गैर सरकारी नौकरियों में ही नहीं, बल्कि प्रदेश में निकलने वाली सरकारी नौकरियों में भी प्रदेश के युवाओं को प्राथमिकता देने की तैयारी कर रही है। 
गैर प्रशासकीय पदों जैसे सिपाही, वन रक्षक, जेल प्रहरी छोटे पदों पर भी प्रदेश के युवाओं को ऑल इंडिया लेवल पर प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है, जिसकी वजह से मध्यप्रदेश के युवा नौकरी पाने में पिछड़ जाते हैं। कांग्रेस के युवा विधायक कुणाल चौधरी का कहना है कि प्रदेश के युवाओं को नौकरियों में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। ऐसा करने वाला मध्यप्रदेश कोई अकेला राज्य नहीं होगा, बल्कि दूसरे राज्यों में इस तरह की व्यवस्था है। इसलिए मध्यप्रदेश के युवाओं को सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी।


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