नीमच। कल देर शाम कलेक्टोरेट की नाक के नीचे मंडी अफसरों की कारगुजारियों का ऐसा खेल देखने को मिला जहा कार्रवाई के नाम पर नोटंकी सजती रही। मंडी  इंपेक्टर डी.के.जैन और भगत चौहान की कल शाम हुई कोठारी बस पर कार्रवाई पर कई सवालिया निशान लग रहे है। भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से कोठारी बस से सांठगांठ का खुलासा हुआ है। महज औपचारिकता की कार्रवाई करके लाखो का अवैध माल परिवहन करने की छूट इन्ही मंडी इंस्पेक्टरों द्वारा दी गई। कार्रवाई के दौरान न तो पुलिस बुलाई गई, न ही आरटीओ को सूचित किया, अपनी जिम्मेदारियों से मुह मोड़ते दोनों ही भ्रस्ट अधिकारी महज मंडी पेनल्टी वसूलकर रवाना हो गए। जबकि कुछ माह पूर्व में ही कोठारी बस पर मंडी अफसरों ने कार्रवाई को अंजाम दिया था। बार बार शिकायत मिलने पर भी मात्र पेनल्टी की नोटंकी की जा रही है ओर संबंधित विभागों को कार्रवाई से बेखबर रखा जा रहा है। जिसका मतलब साफ जाहिर हो रहा है कि मंडी अफसरों की इस कार्रवाई में संदिग्ध भूमिका निभाने का काम हुआ है, जिससे इन्कार नही किया जा सकता।

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