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नीमच से लेकर भोपाल तक चले भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी की बताई दांस्ता, सीएमओ और तत्कालीन प्रमुख सचिव विवेक अग्रवाल की वेतनवृद्धि रोकने की मांग*

नीमच। शहर के स्कीम नंबर 36 बी में स्थित भूखंड क्रमांक 1049 के मामले को लेकर कई भू माफिया सक्रिय है। यह भूखंड अस्पताल के लिए आवंटित किया गया था, लेकिन सालों से अस्पताल नहीं बनाया तो पूर्व में इसे निरस्त् कर दिया और मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इस बीच भू माफिया भोपाल पहुंचे और तत्कालीन प्रमुख सचिव विवेक अग्रवाल को टेबल के नीचे से मौटी रिश्वत देकर भूखंड के नामांतरण किए जाने का आदेश करवा लेकर आ गए। इस मामले नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री जयवर्धनसिंह को कांग्रेस पार्षद महेंद्र मोनू लोक्स ने ज्ञापन दिया। वे इंदौर के दौरे पर थे। तत्कालीन प्रमुख सचिव  विवेक अग्रवाल और नीमच सीएमओ संजेश गुप्ता पर कडी कार्रवाई की मांग के साथ ही इनके वेतनवृद्धि रोकने की मांग भी की। साथ ही नीमच से लेकर भोपाल तक चले रिश्वतखोरी की स्थिति से भी अवगत कराया।

कांग्रेस पार्षद महेंद्र मोनू लोक्स ने बताया कि  नगर परिषद् नीमच द्वारा वर्ष 1993 मे नीमच सुधार नियास तर्फे योजना क्र. 36 बी मे चिकित्सालय हेतु जमीन आवंटन करने का विज्ञापन दिया गया था, उक्त विज्ञापन के आधार पर श्रीमती सुखप्रेम कौर ढिल्लन द्वारा उक्त जमीन प्लाट क्र. 1049 कुल रकबा 1053 व. मी. का चिकित्सालय हेतु परिषद् के नियम व शर्तानुसार लेने हेतु अपनी इच्छुकता प्रकट करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया था | श्रीमती सुखप्रेम कौर ढिल्लन द्वारा दिए गए आवेदन मे उल्लेख किया गया था कि मै पंजाब कि रहने वाली हूँ, एवं केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल मे पिछले 6-7 वर्षो से चिकित्सक के पद पर कार्यरत हूँ, मेरे पति भी केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल मे कमांडेंट है, पंजाब शहर मे बहुत अशान्ति का वातावरण होने के कारन मै नीमच कि स्थाई निवासी होना चाहती हूँ | नगर परिषद् नीमच द्वारा इसी आधार पर दिनांक 19/04/1993 को श्रीमती कौर को प्लाट आवंटन किया गया था एवं एक अनुबंध लेख करवाया गया था जिसमे भूखंड को 33 वर्ष कि लीज पर अस्पताल बनाने हेतु दिया गया था | श्रीमती सुखप्रेम कौर ढिल्लन द्वारा किये गए अनुबंध मै यह शर्त थी कि वह नीमच कि निवासी स्थाई रूप से रहेगी एवं 24 माह मै भवन निर्माण करेगी एवं जब भी  भूखंड किसी को विक्रय करेगी तो परिषद् से अन्नापत्ति लेगी | परन्तु श्रीमती कौर द्वारा किसी भी शर्त का पालन न करने पर उक्त भूखंड तत्कालीन अध्यक्ष द्वारा दिनांक 09/05/1997 को निरस्त कर दिया गया परन्तु श्रीमती सुखप्रेम कौर ढिल्लन द्वारा सभी शर्तो का उलंघन करते हुए उक्त भूखंड वर्ष 2011 में अन्य व्यक्तियों को विक्रय कर दिया गया जो कि अनुबंध कि शर्तो के विपरीत था जिसके विरुद्ध परिषद् द्वारा परिषद् के विशेष सम्मलेन क्र. 06 दिनांक 07/04/2011 के संकल्प क्र. 127 द्वारा उक्त भूखंड को निरस्त कर दिया गया था | यह कि संकल्प के आदेश के विरुद्ध श्रीमती सुखप्रेम कौर ढिल्लन व भाजपा के कुछ नेताओ द्वारा प्रमुख सचिव से साठ-गाठ कर दिनांक 04/10/2018 को प्रमुख सचिव द्वारा संकल्प क्रमांक 127 को बिना कोई नियम का पालन करते हुए एवं नगर पालिका को बिना सुने एक पक्षिय आदेश पारित कर निरस्त कर दिया गया। प्रमुख सचिव द्वारा बिना नियम का पालन किये गए आदेश 4/10/18 को निरस्त किया जाये तथा दोषी अधिकारियों  के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाए तथा उक्त भूखंड का उपयोग सही एवं समाज कार्य में शासन द्वारा किया जाये

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