✍🏻आशीष बैरागी

मोरवन। जिला मुख्यालय से 26 किलोमीटर दूर नीमच सिंगोली रोड़ स्थित मोरवन वेस्टवेयर  की पुलिया प्रशासन की लापरवाही के चलते हादसों को न्योता देती नजर आ रही है इस पुलिया पर नही रेलिंग है नही दोनो तऱफ चेतावनी संकेतक। ये पुलिया वाहन चालकों की जान पर बन ला रही हैं जिसके चलते लोगों की शामत आते आते बच रही हैं तो कई अपनी जान से हाथ धो बेठे। वाहन चालक व स्थानीय लोग अब इसे मौत की पुलिया भी कहते है । इस पुलिया पर एक महीने के अंदर सात दुर्घटना हो चुकी है जिसमे कहि जाने बाल बाल बची है इसी क्रम में 13 फरवरी बुधवार की रात्रि 12बजे एक अल्टो कार क्रमांक आरजे 6 सीए 4801अचानक अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे उतर गई। कार में पांच व्यक्ति सवार थे गरिमत ये रही इस घटना में कार चालक पत्नी व बच्चे सुरक्षित बच गए। बताते है कार बाई तरफ गिरी जिसकी ऊँचाई करीबन 10 फिट थी अगर कार दाई तरफ गिरती तो उनकी जाने भी जा सकती थी क्यो की दाई तरफ की गहराई 50 फिट से 60 फिट है। मिली जानकारी के अनुसार रतनगढ़ निवासी विकास मित्तल अपनी पत्नी बच्चों सहित कार में सवार होकर जावरा से अपने घर रतनगढ़ जा रहे थे तभी अचानक मोरवन बाँध से गुजरते हुए लगभग रात्रि 12 बजे अचानक कार अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे उतर गई। जिसमे कार चालक को   मामूली चोट आई।पुलिया पर रेलिंग व चेतावनी संकेतक ना होने के कारण आए दिन दुर्घटनाए होती रहती है।कई बार जनप्रतिनिधि व प्रशासन को अवगत कराया गया व स्थानीय पत्रकारों द्वारा भी इस समस्या को प्राथमिकता से उठाया गया । कुछ दिन पहले जावद विधायक ओमप्रकाश सकलेचा ने रेलिंग व चेतावनी संकेतक लगाने के लिए रोड़ डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन प्रबन्धक को पत्र लिखा था,  देखना है प्रशासन कब सुध लेता है और पुलिया पर रेलिंग का काम चालू करवाते है या फिर किसी बड़े  हादसे का इंतज़ार करते हैं।*

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