नीमच 23 फरवरी 19 (केबीसी न्यूज)। राश्ट्रवादी जनता की दृढ़ इच्छा षक्ति और से ही अखंण्ड भारत का संकल्प पूरा होगा क्योंकि भारतीय नागरिकों में राश्ट्रीयता विकसित होने की गति अत्यंत होती है । जब देष का विभाजन हुआ उस समय राश्ट्रीय स्वय संवक संघ, सर संघ चालक पुज्य माधव सदाषिव गोलवकर ने कहा था कि जिन्होंने देष विभाजन का पाप किया है उस भारत की जनता कभी माफ नहीं करेगी और जो विभाजन के भागीधारी है वे पाकिस्तान के परोक्ष युद्ध का ना ही समाधान कर सकते है और न आतंकवाद को जड़ से खत्म कर सकते है अब केन्द्र की राश्ट्रवादी मोदी सरकार है जनता में पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोष है । इस आक्रोष के साथ मिलकर कार्यवाही करना सरकार की जिम्मेदारी है यह बात पूर्व नपा एल्डरमेन एवं  आराध्या राश्ट्रीय संयोजक श्रीमती मीनू लालवानी ने प्रेस को जारी बयान में ही उन्होंने कहा कि देष के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस कायराना हमले की निंदा करते हुए कहा कि पुरा देष षहीद हुए बहादुर जवानों के परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है । उनकी षहादत को बेकार नहीं जाने दिया जायेगा । और दुसरी ओर सुरक्षा समिति की बैठक मंे पहली बार सेना को देष के प्रधानमंत्री ने आतंकवाद से लड़ने की खुल्ली छुट दी है और जनता चाहती है की उरी हमले के ढाई साल बाद सबसे बड़े आतंकी हमले में हमारे वीर सैनिक षहीद हुए । कायर आतंकियों ने विस्फोटकों से भरी स्कार्पियों से सीआरपीएफ के वाहन को टक्कर मारी इससे बस के परखच्चे उड़ गए । प्रधानमंत्री का यह कहना कि यह लड़ाई हम जीतने के लिए लड़ रहे है देषवासियों को इस बात के लिए विष्वास दिलाया है कि आतंकवाद को पनाह देने वालों का बहुत बुरा अंजाम होने वाला है । यह पहला मौका है जब आतंकवादी हमले की सरकार ने कड़ी निंदा का बयान की बजाए कहा कि बदला लिया जायेगा । इस प्रकार उरी हमले का मुहतोड़ जवाब इस देष और देष की सेना ने घर में घुसकर दिया था और इसी तर्ज पर पुलवामा का बदला भी सेना और सरकार लेगी । श्रीमती लालवानी ने कहा कि हमें सरकार और सेना पर तुरन्त बदला लेने का दबाव डालने की बजाय समय का चुनाव उन्हीं ही करने देना चाहिए । यह सही है कि हमारे मन में बेहद आक्रोष है लेकिन जमीनी परिस्थितिया क्या है इसको देखना सेना का काम है हमें याद रखना चाहिए कि कोई भी लड़ाई पूरी तैयारी के साथ ही जीती जा सकती है भावनाओं से नही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यह समय आरोप प्रत्यारोप का नही है कुछ कर दिखाने का जज्बा है यह एकजुट होकर आतंकवाद से मुकाबले का है हमें भारतवासियों को कोई भी ताकत आतंकवाद फैलाकर आपस में बांट नही सकती । इसलिए देष की सरकार और देष की सेना को सभी ने अपना समर्थन जताकर अत्यंत परिशक्रता का परिचय दिया है श्रीमती लालवानी ने कहा कि अब धरती के स्वर्ग कहलाने वाले जम्मू कष्मीर में देष के दुष्मनों के नापाक मंसुबे और दहषतगर्दी, कटृरपंथी सोच अंतिम सासें गिन रही है तभी तो आतंकी दषहत बुझने से पहले फड़फड़ाती दीपक की लौ की भांति कायरों की तरह पीठ पर पीछे से हमला करके अपने अस्तित्व को बचाने का सपना पाल रहे है पाकिस्तान में सीमा पार से और आमने सामने लोहा लेने की ताकत नहीं बची तभी तो घात लगाकर अपहरण करके अमन प्रसंद लोगों को ढाल बनाकर या भीड़ द्वारा पत्थरबाज देषद्रोही की आड़ में अथवा आत्मघाती धमाकों के जरिए कायराना कृत्य घाटी में दोहराया जा रहा है पुलवामा हमला पाकिस्तान की नापाक हरकतों के पाप का घड़ा भर जाने का प्रमाण है अब सेना को आपरेषन आल आऊट की खुली छुट मिली है । ताकि पठानकोट, उरी और पुलवामा के बाद अब कोई नया आतंकी हमला इससे न जुड़ पाए यही सैन्य साहस और सरकार की सहमति से जवानों की षहादत को सच्ची श्रद्धाजंली होगी । पहली बार मोदी की सरकार ने आतंकवादियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही का निर्णय लिया है । श्रीमती लालवानी ने कहा कि आतंकवाद से लड़ने के लिए जरूरत है कि सबसे पहले घर में छुपे हुए जयचंदो को पृथक किया जाए सरकार का सबसे बड़ा काम जम्मू कष्मीर के अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा वापस लेना क्योंकि आतंकवादी हमले इन्ही के षह पर होते है अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा पर करोड़ों रूपये खर्च होते है मोदी सरकार का यह कार्य सम्मान योग्य कदम है सरकार ने सुरक्षाबलों को आगे की कार्यवाही करने के लिए समय, स्थान, स्वरूप क्या हो, सभी निर्णय लेने की छुट सेना को दे दी गई है । जो देष हित में स्वर्णिम ऐतिहासिक साहसिक कदम है ।

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