सतना। रविवार सुबह दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश के सतना से अपहृत चित्रकूट के व्यवसायी के दो जुड़वां बच्चों के शव 13 दिन बाद आज बांदा में यमुना नदी में मिले। एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पुलिस अफसरों की बैठक में इस अपहरण के बारे में सवाल किए थे।

चित्रकूट की सीमा से सटे मध्य प्रदेश के सतना में सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट के सद्गुरु पब्लिक स्कूल से 12 फरवरी को अपहृत आयुर्वेदिक तेल कारोबारी ब्रजेश रावत के दोनों बच्चों के शव आज बांदा जिले के बबेरु थाना क्षेत्र में यमुना नदी में मिलने से सनसनी फैल गई।

अपहरणकर्ताओं ने पांच वर्षीय जुड़वा बेटों प्रियांश व श्रेयांश रावत की हत्या कर शव बांदा जिले के बबेरू थानान्तर्गत औगासी गांव के पास यमुना नदी में फेंक दिए थे। जानकीकुंड ट्रस्ट परिसर से 13 दिन पहले अपहृत बच्चों को ढूंढने में एमपी यूपी की 26 पुलिस टीम के साथ ही साथ एसटीएफ फेल रही।

आज सुबह पुलिस को सूचना मिली और दोनों शव को बरामद किया गया। शवों की हालत देखकर साफ जाहिर की हत्या तीन से चार दिन पहले हुई है। दोनों शवों को जंजीर से बांध कर फेंका गया। बच्चों के शव मिलने के बाद धर्म नगरी चित्रकूट के रामघाट सीतापुर निवासी तेल कारोबारी ब्रजेश रावत के परिवार का बुरा हाल है।

सतना के कई थानों के फोर्स नया गांव पहुंच चुका है। सतना एसपी संतोष सिंह गौर ने भी बच्चों की हत्या की पुष्टि की है।

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