नीमच।  सर्जरिकल स्ट्राइक की आड़ में राजनीतिक रोटियां  सके रही है भाजपा। उक्त आरोप *मप्र युवा कांग्रेस के महासचिव दिग्विजयसिंह आमलीखेड़ा* ने एक प्रेस नोट के माध्यम से भाजपा कार्यकर्ताओं पर लगाये।

पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत सेना द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई, सर्जिकल स्ट्राइक पर मप्र दिग्विजय सिंह जी द्वारा दिए गए बयान पर भाजपा कार्यकर्ताओ द्वारा उनका पुतला जलाने की बजाय स्वयं का आत्ममंथन करना चाहिए। जैसा कि मप्र के पूर्वमुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह जी ने कहा कि "सर्जिकल स्ट्राइक में पाकिस्तान का कितना नुकसान हुआ है हमें इस बात को सार्वजनिक करना चाहिए। जैसे अमेरिका ने ओसामा ऑपरेशन के ठोस सबूत दिया था, वैसे ही हमें भी सर्जरिकल स्ट्राइक का सबूत देकर विरोधियो का मुंह बंद कर देना चाहिए।" जिस तरह सेना सर्जिकल स्ट्राइक का ढिंढोरा भाजपा के नेता एवम कार्यकर्ता मोदी-मोदी नारे लगाकर पीट रहे हैं, तो ऐसा सा प्रतीत हो रहा है कि देश की सीमा पर देश का जवान नहीं भाजपा कार्यकर्ता लड़ा हो। सेना के सर्जिकल स्ट्राइक को भाजपा स्वयं के 56 इंची सीने की कार्यवही बता कर राजनीतिक रोटियां सेकी  रही है एवम सेना के साहस के उपेक्षा की जा रही है। इस संदर्भ में मैं दो केंद्रीय मंत्रियों के बयान को याद दिलाना चाहता हूं।

*इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रौद्योगिकी केंद्रीय राज्य मंत्री एस एस आहलूवालिया* ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक में पाकिस्तान में हुए नुकसान का कोई सरकारी आंकड़े प्रस्तुत नहीं किया गया, नहीं प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहीं नुकसान का आकलन जिक्र किया।

दूसरे *केंद्रीय मंत्री केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह* ने कहा कि सही समय आने पर सर्जिकल स्ट्राइक में हुए नुकसान के सबूत पेश किए जाएंगे।

*केंद्रीय मंत्री आहलूवालिया* के बयान पर गौर करें तो उन्होंने वही बात कही है जो दिग्विजय सिंह जी ने कही l अहलूवालिया ने स्पष्ट तौर पर कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक पाकिस्तान की मानवीय ने क्षति के लिए नहीं केवल अपनी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी करार दिया। इस बयान से स्पष्ट है कि सरकार खुद को संदेह है कि नुकसान हुआ भी या नहीं।

दूसरे *केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह* के बयान पर गौर करें तो उन्होंने कहा कि सही समय पर सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत पेश किए जाएंगे। उनके इस बयान से राजनीतिक लाभ लेने की बू आती है।

सेना के साहस की आड़ पर भाजपा के राजनीतिकरण पर जवाबी हमला बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जी ने जो कहा वह इस परिपेक्ष में कतई गलत नहीं है क्योंकि स्वयं केंद्रीय मंत्री एवं उनकी सरकार पाकिस्तान पर हमले में नुकसान का आकलन करने में सक्षम नहीं है एवं दूसरी तरफ वह समय आने पर सबूत देने का बहाना कर रही है।

आमलीखेड़ा ने कहा भाजपा कार्यकर्ताओं को दिग्विजय सिंह जी का पुतला जलाने की बजाय उनकी स्वयं की सरकार से आत्ममंथन की गुहार लगाना चाहिए। दिग्विजय सिंह जी को देशद्रोही करार देने से पहले अपने अंदर झकना चाहिए। और सेना के साहस पर राजनीति बंद करना चाहिए।

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