नीमच। कन्या मां सरस्वती का वरदान है। कन्या को जन्म देने वाली माता का सम्मान राष्ट्र विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम है। हम बेटे बेटी के जन्म में अंतर नहीं करें। अब धीरे धीरे क्षेत्र में बेटे बेटी के जन्म के अनुपात का अंतर पहले कम था अब बढ रहा है। यह समाज में नई जागृति का परिचायक है। यह बात आराध्या की राष्ट्रीय संयोजक पूर्व नपा एल्डरमेन मीनू लालवानी ने कही। वे बुधवार सायं 5 बजे जिला चिकित्सालय में आराध्या संस्था द्वारा आयोजित कन्या को जन्म देने वाली माताओं के सम्मान समारोह में बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि बेटा एक परिवार को तारता है और बेटियां दो परिवारों को आगे बढाती है। बेटियां संतान को जन्म से ही संसार का संस्कार की षिक्षा देती है। इसलिए मां संसार की प्रथम गुरू का सम्मान भी पाती है। आधुनिक युग में कन्या और पुत्र के अंतर के अनुपात को मिटाना प्रत्येक सामाजिक प्राणी का उत्तरदायित्व है। प्राचीन ऋषि मुनियों द्वरा वेद पुराणों में उल्लेख कर बताया कि जहां नारी की पूजा होती है वहां देवता रमण करते हैं। आराध्या का प्रयास सामाजिक क्रान्ति का सूत्रपात करेगा। कार्यक्रम से पूर्व चिकित्सालय के जच्चा बच्चा वार्ड में पहुंचकर कन्या को जन्म देने वाली माताओं का माला खिलौने, मच्छरदानी, परिधान आदि उपहार सामग्री प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर परअतिथि  के रूप में प्रेस क्लब नीमच के पूर्व अध्यक्ष हरिष अहीर, भाजपा वरिष्ठ नेता विकास नामदेव सोनिया छाबड़ा जया अटवांनी 

उपस्तिथि में अभिषेक गोयल,  मनीष षर्मा, पवन गौड, हिमांषु खटीक, अषोक सैनी, चन्द्रप्रकाष मोमू लालवानी सहित बडी संख्या में आराध्या परिवार के सदस्य उपस्थित थे।

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