( रूपेश शक्तावत )

नीमच। आईपीएल क्रिकेट श्रंखला अब धीरे—धीरे अपने रंग जमाते हुए पुरे शबाब पर आ चुका है। शहरभर में कुकरमुत्तो की तरह फैले क्रिकेट सटोरिये करोड़ो की दाव लगा रहे है। बीते दिनो चौकन्ना बालाजी समीप से दो क्रिकेट सटोरियो को पुलिस धर—दबोचने में कामयाब हुई थी। जिसमें सटोरिये पियुष मलाशिया का भी नाम शामिल था। लेकिन विडम्बना है कि इतने बड़े लेवल पर क्रिकेट सट्टा संचालित होने की खबरे पुरे शहर में चर्चा बनी हुई है और पुलिस ने मात्र अब तक एक ही कार्रवाई को अंजाम देकर कही वाह वाही लूटने वाला काम तो नही किया है। जबकि पूर्व रिकॉर्डेड हरीश पायलेट की शेजशय्या में सैकड़ो छोटे —मोटे सटोरिये पल रहे है। वही हरीश पायलेट बेखौफ सट्टा संचालित करने का खुला चेलेंज लेकर घुम रहा है। करोड़ो का दाव रोजाना इस आईपीएल में शहर के सटोरियो द्वारा लगाया जा रहा है। जिसमें मुख्य बुक्की हरीश पायलेट को बताया जा रहा है। पुलिस को चाहिए की पूर्व रिकॉर्डेड सटोरियो की कॉल डिटेल खंगाल कर उनके ठिकानो पर दबिश दे, ताकि इन क्रिकेट सटोरियो द्वारा जो युवाओ की जिंदगीयां दाव पर लगाई जा रही उसे बचाया जा सके। 

नीमच से निम्बाहेड़ा तक फैला मकडजाल

क्रिकेट सटोरियो वैसे तो पूर्व में मुख्यत: निम्बाहेड़ा नगर में ही अपनी जाजम जमाए हुए थे। निम्बाहेड़ा में, यामिन, गुड्डा और शेखु प्रमुख सट्टा संचालक है। जिन पर कई बार कार्रवाईयो होने के बावजूद भी कोई फर्क नही पड़ा। इस आईपीएल में भी करोड़ो की दाव बेखौफ लगा रहे है। लेकिन कुछ समय पूर्व से नीमच के सटोरियो को अब निम्बाहेड़ा तक का सफर करने की जरूरत नही पड़ रही है। क्योंकि अब वो नीमच में ही बेखौफ हो गए है। पुलिस प्रशासन ढिल्लई से इन सटोरियो के हौसले और बुलंद हो चुके है। पूर्व के नामी सटोरिये जिनका पुलिस ने जुलूस निकाला था, वो पूर्व में तो सट्टा करने से तोबा कर चुके थे, लेकिन इन दिनो फिर से पूर्व की भांति सक्रिय होकर बुके माण्डने मे दिन—रात लगे हुए है। कुछ सटोरिये तो सुबह बिना मुंह धोये ही कार बढ़ाकर निकलते है जो अपने लेपटॉप और डायरी से करोड़ो का सट्टा उतारकर ही वापस घर को लौटते है। उनकी भी अगर पुलिस बारिकी से जांच करे और कॉल लोकेशन खंगाले तो आसानी से धर—दबोचे जा सकते है। इधर नीमच से निम्बाहेड़ा टूर वाले सटोरियो का मकड़जाल तो वर्षो से संचालित है उसे तो अब कोई रोक सको तो रोक लो।

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