( रूपेश शक्तावत )

नीमच। आईपीएल क्रिकेट श्रंखला शुरू हुए काफी दिन बित चुके है। जिसमें अभी तक शहर में मात्र एक छूट—मूट कार्रवाई को ही पुलिस ने अंजाम देकर वाह—वाही लूटने का काम किया है। जबकि असलित को खंगाला जाए तो शहरभर में सैकडो क्रिकेट सटोरिये निम्बाहेडा की तर्ज पर अब नीमच में सट्टा उतारने पर आमदा है। जिसका श्रय सीधे निचले स्तर के पुलिसकर्मीयो को दिया जाए तो कोई अतिश्योक्ति नही होगी। क्योंकि ये तो जगजाहिर है कि आईपीएल क्रिकेट श्रंखला क्रिकेट सटोरियो के लिए अर्धकुम्भ के नाम से प्रख्यात है और ऐसे में क्रिकेट सटोरिये अपनी दाव लगाने से पीछे नही हट सकते है। शहर भर में दर्जनो नाम आज पुलिस की डायरी में रंगे हुए है और वो ही सटोरिये आज खुले रूप से सट्टा करने में बैखोफ है। 

उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनो पूर्व केंट पुलिस ने चौकन्ना बालाजी के समीप से दो क्रिकेट सटोरियो को सट्टा खेलते धर— दबोचा था। जिनसे कड़ी पूछताछ पर हुडको कॉलोनी निवासी पियुष मलेशिया का नाम उजागर हुआ था। लेकिन विडम्बना यह है केि जब मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया तो फिर उससे होने वाले खुलासे क्यो अभी तक पिटारे में बंद रखे। सटोरिया पियुष मलेशिया क्रिकेट सट्टे का पुराना खिलाडी है। शहर में सटोरियो की नस—नस से वाकिफ है। खुलासे में उसने कई नाम उगले होंगे। जिस पर पुलिस की पर्दाइगी आशंका के कई सवाल पैदा कर रही है। 

इधर पुराने सटोरियो का नाम अगर लिया जाए तो पायलेट, झांझरी, बाल्दी और ऐसे कई तमाम नाम जो पुलिस के दस्तावेजो में सबसे उपर दर्ज है। उन पर अभी तक मेहरबानी आखिर क्यों बक्शी जा रही है। जबकि शहर के दशहरा मैदान स्थित मनोहर टी स्टॉल के समीप ऐसे कई बडे

बुक्की पुलिस को अपना हिसाब—किताब करने मिल सकते है। वही कल रविवार देर शाम मनासा में पुलिस ने 6 सटोरियो से 9540 रूपये मात्र और 4 लाख 70 हजार का सट्टा पकड़ा है। और यह कार्रवाई सागर से गागर भरने मात्र ही मानी जा सकती है। जबकि नीमच शहर में रूस्तम सटोरियो रोजाना करोड़ो का सट्टा उतारने में कामयाब हो रहे है। जिस पर अभी तक पुलिस की मेहरबानी इन सटोरियो को खुली छूट दे रही है।

ईमानदार पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सगर के निर्देशो की अव्हेलना निचले पुलिसकर्मीर्यो द्वारा की जा रही है और यही कारण है कि नीमच शहर में बैखोफ क्रिकेट सट्टे का खेल इस आईपीएल में बेतहाशा चल रहा है।

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