खुलासा

नीमच। नीमच जेल ब्रेक मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। चार कैदियों को जेल की सलाखें काटकर आजाद कराने में उनके रिश्तेदारों, अन्य कैदियों के अलावा दो प्रहरियों की भूमिका सामने आई है। इस षड़यंत्र की योजना बनाने वाले मास्टर माइंड की गिरफ्तारी के बाद कई बड़े खुलासे हुए हैं। 
गौरतलब है कि रविवार तड़के नीमच के कनावटी स्थित जेल की सलाखें आरी से काटकर चार कैदी नाहरसिंह बंजारा, दुबेलाल, पंकज और लेखराम बाहर निकले और रस्सी की सहायता से जेल की दीवार फांदकर फरार हो गए। इस षड़यंत्र में जेल के दो प्रहरी, फरार कैदियों के रिश्तेदार और अन्य कैदियों की भूमिका पता चली है। पुलिस ने गहन छानबीन के बाद इस वारदात की योजना बनाने वाले मास्टर माइंड विनोद डांगी निवासी सुवाखेड़ा को जब गिरफ्तार किया तो एक के बाद एक पूरे मामले की परतें खुलती गई। 
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में पता चला है कि विगत तीन चार दिनांे से जेल के बंदियों को रात के समय छाछ और रसना पिलाई जा रही थी, जिसमें नींद की गोलियां मिलाई जाती थी। जिस दिन यह वारदात हुई उस दिन भारत और अफगानिस्तान का क्रिकेट मैच कैदी टीवी पर देख रहे थे, उसी दौरान उन्हें पेय पदार्थ दिया गया और अधिकांश कैदी नींद के आगोश में चले गए। इसके बाद कैदियों के फरार होने की वारदात को अंजाम दिया गया। 
पुलिस ने इस षड़यंत्र में जेल के भीतर से आरी के पत्ते आदि उपलब्ध कराकर कैदियों को फरार होने में मदद करने वाले जेल प्रहरी वीरेंद्र धाकड़ और ईश्वर सहित अंदर और बाहर षड़यंत्र में मदद करने वाले बंदी पवन धाकड़, रामप्रसाद, फरार कैदी नाहरसिंह के भाई बबलू, फरार कैदी पंकज का पिता रामनारायण, उसके साथी कमललाल, विनोद एवं दो अन्य को भी आरोपी बनाया गया है। 
इधर पुलिस ने फरार कैदियों की धरपकड़ के लिए उज्जैन संभाग के विभिन्न थानों के एक्सपर्ट चार पुलिस अधिकारियों को टीम में शामिल किया है। 

बाइट- 01. राकेशकुमार सगर, एसपी नीमच
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