नीमच। हमारे शरीर में जैसें नसों में रक्त चलता है वैसे ही सड़के इस देश व प्रदेश के विकास के लिये जरूरी है। बजट सत्र में कमलनाथ की कांग्रेस सरकार ने नीमच जिले में सड़के नही दी। उसमें किसी भी तरह का भेदभाव नहीं करना चाहियें । अंतिम छोर पर बसे नीमच जिले की जनता को भी सड़के दी जाना चाहियें। अपने अपने क्षेत्र में ही सड़के नही बांटना चाहिये। 
उक्त बात नीमच क्षेत्र के विधायक श्री दिलीपसिंह परिहार ने बजट सत्र के दौरान म0प्र0 विधानसभा में प्रश्नोत्तर के दौरान कहीं। 
विधायक श्री परिहार का कहना था कि पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चैहान व लोक निर्माण मंत्री श्री रामपालसिंह जी ने अपने कार्यकाल के दौरान अंतिम छोर पर बसे नीमच जिले को बहुत सी सड़के दी थी।  श्री कैलाश विजयवर्गीय जब लोक निर्माण मंत्री थे तब नीमच का बायपाॅस निकाला था। उस दौरान ही एक और बायपाॅस हमने हिंगोरिया से जैसिंगपुरा की तरफ मंजूर किया था। अभी 200 करोड़ रूपये की नीमच की नई मंडी बनाई है। यदि हिंगोरिया से जैसिंगपुरा बायपाॅस को भी सरकार मंजूरी देती है तो जिले की जनता की तरफ से धन्यवाद दूंगा। 
विधायक श्री परिहार का कहना था कि क्षेत्र के गांव भाटखेड़ा से डुंगलावदा तक जैसे ही नीमच जिले में घुसते है तो ऐसा लगता है कि किसी एक गांव में घुस रहे है। नीमच जिला है वहां पर कम से कम एक फोरलेन हो जायेगा तो ग्रामीणजनों को सुविधाजनक हो जायेगा। नीमच क्षेत्र में एक एक किलोमीटर की छोटी-छोटी सड़के है जिसमें चैथखेड़ा, रावतखेड़ा व दुलाखेड़ा गांव की सड़के भी है जिनके बन जाने के बाद रहवासियों को आवागमन की सुविधा हो सकेगी। 
विधायक श्री परिहार का समर्थन करते हुए म0प्र0 के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री जीतू पटवारी ने भी लोक निर्माण मंत्री सज्जनसिंह वर्मा से निवेदन किया कि, विधायक श्री परिहार ने अपनी अंर्तआत्मा की आवाज से कहा है- ‘‘कम से कम क्षेत्र में एक दो रोड़ दे ही देना’’। बाद में लोक निर्माण मंत्री श्री वर्मा ने विधायक श्री परिहार को आश्वस्त किया कि- ‘‘ आप आ जाना, जो भी काम होगा मुझे जरूर बताना।

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