जावद/नीमच। विधायक ओमप्रकाश सखलेचा ने विधानसभा सदन में अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री कमलनाथ और उच्च शिक्षा मंत्री जितु पटवारी से िसंगोली शासकीय महाविद्यालय में कामर्स एवं साइंस संकाय की स्वीकृित देने की मांग की।
विधायक सखलेचा ने वर्ष 2012 में िसंगोली में कॉलेज की स्वीकृति दिलाई। वर्ष 2017-18 में करीब 1 करोड 33 लाख की लागत से भवन की स्वीकृति भी दिलाई और 1.62 लाख की विधायक निधि जारी कर डिजिटल बोर्ड भी स्वीकृत किया वर्तमान में कला संकाय में करीब 331 विद्यार्थी अध्ययनरथ है लेकिन सांइस, कामर्स जैसे अन्य संकाय की शिक्षा के लिए सिंगोली क्षेत्र के विद्यार्थियों को जावद या नीमच जाना पड़ता था। जावद से सिंगोली की दूरी करीब करीब 85 किमी है। इससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। विधायक सखलेचा ने विधानसभा सदन में विद्यार्थियों समस्या को रखा और मुख्यमंत्री कमलनाथ और उच्चशिक्षा मंत्री जितु पटवारी से   सिंगोली महाविद्यालय में कामर्स और सांइस संकाय की स्वीकृति देने की मांग की। सखलेचा ने कहा सिंंगोली में आर्टस कॉलेज है और 300 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरथ है। वहां कामर्स और साइंस कॉलेज की स्वीकृति मिलती है तो विद्यार्थी की संख्या बढेगी और उन्हें नीमच और जावद नहीं जाना पडेगा। इससे समय की भी बचत होगी।  
*इंटरनेशनल लेंग्वेज सीखाने के लिए भी हो सुविधा*
केंद्र सरकार ने इंटरनेशनल लेंग्वेज सीखने के लिए इस बार पूरे भारत में स्कूल और कॉलेज में प्रोविजन करने को बोला है। मैने कुछ बच्चे जावद के जापान भेजे स्किल डेवलपमेंट फाॅर इंटर्नशिप पोग्राम में भेजे वहां वह 21 दिन ट्रेनिंग लेकिर आए और उनको वहां खुला ऑफर है कि िजतने भी मप्र के बच्चे लेंग्वेज सीखकर जाना चाहे फिर वह किसी भी वर्ग का हो। वह 12 वीं पास से लेकर चाहे एग्रीकल्चर, इंजीनियरिंग, आईटीआई के हो, जो भी वह लेंग्वेज सीख लेगा उनको वह एमप्लायमेंट और वर्क परमिट देने को तैयार है यह मप्र के बच्चों के भविष्य के लिए अति आवश्यक है और केंद्र शासन ने स्पेशली लेंग्वेज सीखाने के लिए अपने विशेष फंड से इस संबंध में प्रोवीजन दिया है। विधायक सखलेचा ने कहा क्या इसके लिए हम भी तैयारी कर रहे है। अगर स्कूलों और कॉलेजों में इंटरनेशनल लेंग्वेज सीखने की सुविधा होगा तो रोजगार के क्षेत्र में विद्यार्थियों को सुविधा होगी। इससे मप्र की इकोनॉमी पर बहुत बडा असर आएगा।

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