जावद। विधानसभा सदन में गुरूवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जावद विधायक ओमप्रकाश सखलेचा की तारीफ की। मुख्यमंत्री ने कहा मध्यप्रदेश की सबसे बडी चुनौती है हमारे नौजवानों की चुनौती। अभी बात की आईटी, स्कील डेवलपमेंट, जावद की बात हुई मैं साथी सखलेचा जी को धन्यवाद देना चाहता हूं  कि इतनी दिलचस्पी से उन्होंने स्कूल और तकनिकी शिक्षा पर इतना ध्यान दिया है। यह बहुत आवश्यक है।
गुरूवार को सदन में आईटी, विज्ञान, प्राैद्याेगिकी, स्कील डेवलपमेंट पर चर्चा चल रही थी। इस पर  विधायक ओमप्रकाश सखलेचा सदन में संबोधित कर रहे थे। सखलेचा ने कहा जावद एक ऐसी विधानसभा थी जिसके सभी हायरसेकेंडरी स्कूल डिजिटल हुए और डिजिटल करने के लिए जब केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावडेकर जावद पधारे तब 10 हजार बच्चों के कार्यक्रम में उनकी 2 घंटे पिनड्राप सालेंट में उसका अंतर सिर्फ इतना सा पडा कि मप्र में हायरसेकेंडरी में सेकंड बेस्ट स्कूल जावद की कन्याशाला आयी लेकिन इस अंतर को सब विभाग तथा मप्र शासन को पता होने के बाद भी मुझे कहीं पर भी पता नहीं चल रहा कि जो मूल विषय है उसमे साइंस और टेक्नालॉजी में क्या तरक्की करते हुए इस स्कीम को आगे बढाने के लिए कुछ फंड का प्रावधान करेंगे या नहीं। क्योंिक अगर जिस प्रदेश की शिक्षा में टेक्नालॉजी में सकारात्मक समन्वय होगा। वह प्रदेश बहुत तेजी से आगे बढेगा। जावद में जहां हमने सभी हायरसेकेंडरी अौर हाईस्कूल में डिजिटल शिक्षा शुरू कर दी। इस दौरान विधायक सखलेचा ने मां की अगर जावद विधानसभा के सभी डिजिटल सभी स्कूलों में प्रदेश सरकार अगर स्वान सिस्टम चालू करके सबको कनेक्टीविटी दिलाने में विशेष ध्यान देकर दे देंगे तो वहां के बच्चो को और आगे बढने का मौका मिलेगा। 
कहीं न कहीं इस डिजिटल शिक्षा का अगला कदम लेंगवेज ट्रेनिंग जिसके लिए केंद्र सरकार ने स्पेशल प्रावधान किया है मैने सबसे पहला प्रयोग जावद से 15 बच्चों को जापान में स्किल डेवलमेंट और इंटरप्रिन्योरशिप के लिए भेजा यह भी सीएसआर एव निजी फंड से भेजा यह करीब एक महीने जापान में ट्रेनिंग लेकर अाए वहां की समस्या अौर जापान इज ओल्ड एक सिटी कंट्री और नॉजवान वहां मात्र 13 से 14 प्रतिशत वर्किंग पापूलेशन है यहां पर जब यह चर्चाएं शुरू हुई वहां उन बच्चों की ट्रेनिंग के बाद उनका जब एग्जाम हुआ यह बात सामने आई की जावद से या मप्र से जितने मर्जी बच्चे उनको जापानिज भाषा आ जाए हम उन्हे रोजगार देने के लिए तैयार है वहां के सदन में 5 से 9 लाख भारतियों को वीजा वर्क परमिट देने का प्रस्ताव पास हो चुका है। उस पर क्या मप्र सरकार ध्यान देते हुए डिजिटल माध्यम से शिक्षा में उनकी जापानीज भाषा की जो केंद्र सरकार से प्रावधान इस बजट में विशेष रूप से मैने करवाया मैने उच्च शिक्षा मंत्री जी से भी कहा उन्होनें कहा की सोचेंगे मेरा माननीय मुख्यमंत्री से आग्रह है ऐसी चीजो पर थोडा ध्यान देंगे तो शायद मप्र की जनता और मप्र की इकोनॉमी पर बहुत बडा असर आएगा। 
टेक्नालॉजी की बात पर जब चर्चा हो रही थी। दुनिया की टेक्नलॉजी तथा भारत के मप्र में दूसरी सबसे बडी समस्या पॉवर स्टोरेज की है यह सीधा डायरेक्ट विषय नहीं है मुख्यमंत्री जी स्वयं सदन में बैठे है बिजली मंत्री से एक दो बार चर्चा करने की कोशिश की पॉवर स्टोरेज के दुनिया में दो या तीन तरीके ही कुल है मप्र पहले पॉवर शोटेज में था जब आज पॉवर सरप्लस आ गया तो मप्र में पॉवर स्टोरेज के संबंध में मुझे जो बताया गया आप बैटरी वाले प्रोसेस कर रहे है बेनेडियम रि ऑक्स बेट्री के माध्यम से आप प्रयास कर रहे है लेकिन में मुख्यमंत्री जी के ध्यान में साइंस एव टेक्नालॉजी विभाग का अगर आप उपयोग करके दुनिया के ऑर कौन कौन से नए तरीके आ गए है उसमें आज की तारीख में जापान ने हाइड्रोजन में पर्याप्त प्रयोग किया है पिछले चार वर्षो से जापान पूरी बिजली लिक्विड हाइड्रोजन इम्पोर्ट करता है आस्ट्रेलिया से और उसमे अपनी फिडिंग करता है हमारे यहां बिजली का शोटेज नहीं है लेेकिन पॉवर स्टोरेज आप बेट्री के माध्यम से करेंगे तो 12 रूपए की कास्ट आएगी जो अनबाइबल हो जाएगी। दुनिया में लेटेस्ट टेक्नॉली क्योंिक आज भारत दुनिया से 30 से 35 साल पीछे नहीं है आज भारत दुनिया के चार पांच वर्ष कुछ पीछे है अगर आप इसे भी पुरा करना चाहते है तो भारत में सबसे पहले हाइड्रोजन का सबसे पहले मप्र स्टोरेज में उपयोग करे तो बहुत बडा अंतर आएगा क्योंिक 2020 जापान ने यह तय किया है टोटल ऑटो मोबाइल, टोटल डोमेस्टिक गैस, में हाइड्रोजन का प्रयोग और पॉवर स्टोरेज में भी हाइड्रोजन के माध्यम से करके पूरे पाल्यूशन को भी फ्री करेगा। आने वाले समय में पाल्यूशन सबसे बडी समस्या है मेरा आपसे आग्रह है इसलिए मैने दो विषयों पर आपका और मुख्यमंत्री का विशेष ध्यान आकर्षित किया है कि साईंस एवं टेक्रालॉजी का उपयोग उस विषय में भी करना शुरू करे। 

गंभीरता से सुना फिर की तारीफ
विधायक सखलेचा जब आईटी, डिजिटल शिक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं अन्य विषय पर सदन में अपने विचार रख रहे थे उन्हे मुख्यमंत्री कमलनाथ गंभीरता से सुन रहे थे। बाद में उन्होंने विधायक सखलेचा तारीफ की। मुख्यमंत्री ने कमलनाथ ने कहा मैं सखलेचा जी की बात गंभीरता से सुन रहा था। उन्होने बडी विशेष और महत्वपूर्ण बात कही मुझे ताज्जुब हुआ इनको इस प्रकार का नॉलेज और इस प्रकार का ज्ञान कैसे है में तो इनसे अलग बैठकर चर्चा करूंगा ताकि मुझे भी ज्ञान प्राप्त हो। मैं साथी सखलेचा जी को धन्यवाद देना चाहता हूं  कि इतनी दिलचस्पी से उन्होंने स्कूल और तकनिकी शिक्षा पर इतना ध्यान दिया है और जावद के सरकारी स्कूलों को डिजिटल किया। यह बहुत आवश्यक है।

अध्यक्ष ने भी दिया धन्यवाद
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जहां विधायक सखलेचा के साथ बैठकर ज्ञान प्राप्त करने कर बात कहीं। वहीं विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने भी सखलेचा को धन्यवाद दिया। अध्यक्ष प्रजापत ने कहा सखलेचा हमेशा पाइंटेड बात बोलते है एक नई बात छोडकर जाते है निश्चित रूप से यह प्रदेश के लिए लाभाविंत है।

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